फ्री फायर गेम में फंसे बच्चे, मोबाइल हैक कर खाली किया खाता, 11 लाख का फटका

अजमेर। ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कितना खतरनाक हो सकता है, इसका एक सनसनीखेज मामला अजमेर में सामने आया है। यहां ‘फ्री फायर’ गेम के चक्कर में फंसे दो बच्चों की गलती के कारण उनकी मां के बैंक खाते से 10.85 लाख रुपए पार हो गए। पीड़िता खुद बैंक ऑफ इंडिया में अकाउंटेंट हैं, लेकिन शातिर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया जिससे उन्हें पैसे निकलने का पता तक नहीं चला।

गेम के जरिए दोस्ती, फिर इंस्टाग्राम पर लीक किया पासवर्ड अजय नगर निवासी कपड़ा व्यापारी राजकुमार ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सिम्मी के मोबाइल पर उनके 8 और 14 साल के दो बेटे अक्सर ‘फ्री फायर’ गेम खेलते थे। इसी दौरान बड़े बेटे की जान-पहचान एक अज्ञात व्यक्ति से हुई। बातचीत का सिलसिला इंस्टाग्राम तक पहुंच गया। शातिर ठग ने पहले अपना आईडी-पासवर्ड बताकर बच्चे का भरोसा जीता और फिर झांसे में लेकर उससे मां की ईमेल आईडी और मोबाइल का पासवर्ड हासिल कर लिया।

जादुई तरीके से चलने लगा मोबाइल, न मैसेज आया न ओटीपी ठग ने पासवर्ड मिलते ही महिला का मोबाइल हैक कर लिया। रविवार को जब राजकुमार ने किसी काम से पत्नी का मोबाइल लिया, तो देखा कि फोन का सारा डेटा और कॉन्टैक्ट्स डिलीट हो चुके थे। ताज्जुब की बात यह रही कि मोबाइल अपने आप ऑपरेट हो रहा था और बार-बार रीस्टार्ट हो रहा था। ठग ने खाते से 10 लाख 85 हजार रुपए निकाल लिए, लेकिन मोबाइल हैक होने के कारण न तो कोई ओटीपी आया और न ही विड्रॉल का मैसेज। जब काफी देर बाद एक मैसेज फ्लैश हुआ, तब जाकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

खाते में बचे सिर्फ 2 लाख, पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित परिवार ने सोमवार को बैंक पहुंचकर तुरंत खाता बंद करवाया। अकाउंटेंट सिम्मी के खाते में अब केवल 2 लाख रुपए ही बचे हैं। साइबर थाना सीओ शमशेर खां ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस उस इंस्टाग्राम आईडी और बैंक ट्रांजेक्शन की कड़ियां जोड़ रही है जिसके जरिए पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को मोबाइल देते समय सावधानी बरतें और अनजान लोगों से जानकारी साझा न करने के प्रति जागरूक करें।

Spread the love