खोई हुई कार ने ली जान की बाजी, बेंगलुरु में राजस्थान के युवक को बीच सड़क पीटा, लूटी क्रेटा और फोन

बेंगलुरु/जोधपुर। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में राजस्थान के एक युवक के साथ रूह कंपा देने वाली मारपीट और लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जोधपुर निवासी 32 वर्षीय चंद्र प्रकाश अपनी डेढ़ साल पहले गायब हुई एसयूवी को मोबाइल ऐप के जरिए ट्रैक करते हुए सात समंदर पार तो नहीं, लेकिन हजारों किलोमीटर दूर बेंगलुरु जा पहुंचा था, जहां उसे अपनी कार तो मिल गई लेकिन जान पर बन आई। वारदात उस वक्त हुई जब युवक अपनी ही कार लेकर निकल रहा था, तभी बदमाशों ने उसे घेरकर लोहे की रॉड और हेलमेट से लहूलुहान कर दिया।

दरअसल, इस पूरी फिल्मी कहानी की शुरुआत करीब 18 महीने पहले जोधपुर में हुई थी। पीड़ित चंद्र प्रकाश ने अपनी हुंडई क्रेटा कार अपने एक परिचित महेंद्र गुर्जर को कुछ दिनों के लिए भरोसे पर दी थी। आरोपी ने कार वापस लौटाने का वादा किया था, लेकिन हफ्तों बीतने के बाद जब गाड़ी नहीं मिली तो प्रकाश के पैरों तले जमीन खिसक गई। पिछले साल इस मामले में जोधपुर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन जब पुलिस की फाइलों में धूल जमने लगी तो पीड़ित ने खुद ही सुराग जुटाना शुरू किया। किस्मत ने तब साथ दिया जब मोबाइल ऐप के डेटा ने कार की लोकेशन बेंगलुरु के मंगम्मनापाल्या इलाके में दिखाई।

किसी को भी बिना सूचना दिए चंद्र प्रकाश 23 फरवरी की सुबह ही बेंगलुरु पहुंच गया। उसके पास कार की एक अतिरिक्त चाबी थी, जिसकी मदद से वह सड़क किनारे खड़ी अपनी कार को लेकर वहां से रवाना हो गया। लेकिन असली ड्रामा रात के वक्त बोम्मनहल्ली सर्कल के पास शुरू हुआ। बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसकी कार को बीच सड़क पर रुकवा लिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने लोहे की रॉड से युवक पर हमला बोल दिया। बदमाश न केवल घायल प्रकाश से उसकी कार छीन ले गए, बल्कि उसके दो मोबाइल फोन भी लूट लिए।

घटना की जानकारी मिलते ही बेंगलुरु पुलिस ने जाल बिछाया और तकनीकी जांच के आधार पर राजस्थान मूल के ही एक व्यवसायी मांगीलाल चौधरी को धर दबोचा है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह गुत्थी अभी उलझी हुई है कि जोधपुर से गायब हुई कार आखिर इन आरोपियों तक कैसे पहुंची। फिलहाल पुलिस दो अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है, वहीं घायल चंद्र प्रकाश का अस्पताल में इलाज जारी है। इस मामले ने एक बार फिर वाहनों की सुरक्षा और अंतरराज्यीय गिरोहों की सक्रियता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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