- बकरियां चरा रहे युवक पर तीन तेंदुओं का हमला, ग्रामीणों ने बचाई जान

उदयपुर। जिले के गोगुंदा क्षेत्र में पैंथर का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार शाम को मोडी ग्राम पंचायत के कांकण का गुड़ा इलाके में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई, जहाँ दो लेपर्ड और एक शावक के ‘झुंड’ ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। गनीमत रही कि शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे तेंदुओं का परिवार युवक को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
सिर पर किया हमला, उदयपुर रेफर
जानकारी के अनुसार, कांकण का गुड़ा निवासी लोगर लाल (35) पुत्र भैरा गमेती बुधवार शाम को लाम क्षेत्र के पास जंगल में अपनी बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे तीन लेपर्ड्स ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। हमले में लोगर लाल के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल युवक की पत्नी लीलाबाई ने बताया कि पति के चिल्लाने पर पास ही बकरियां चरा रहे अन्य ग्रामीण लाठियां लेकर शोर मचाते हुए दौड़े, जिन्हें देखकर पैंथर का कुनबा झाड़ियों की ओट में ओझल हो गया।
ग्रामीणों ने घायल को तुरंत गोगुंदा अस्पताल पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उदयपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
इलाके में दहशत, पिंजरा लगाने की मांग
घटना के बाद से ही मोडी और आसपास के गांवों में भारी दहशत व्याप्त है। उप सरपंच प्रहलाद सिंह झाला ने वन विभाग को इस हमले की सूचना दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पैंथर के जोड़े और शावकों की आवाजाही लंबे समय से बनी हुई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत पिंजरा लगाकर इन आदमखोर होते वन्यजीवों को पकड़ा जाए।
मुआवजे को लेकर नाराजगी
इस हमले ने पुरानी यादें और जख्म भी ताजा कर दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इसी क्षेत्र में अप्रैल 2021 में 65 वर्षीय नवली बाई को पैंथर ने अपना शिकार बना लिया था। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी गहरा रोष है कि आज तक उस मृतका के परिजनों को सरकार की ओर से उचित मुआवजा नहीं मिल पाया है।
