वीरभूमि एक्सप्रेस पर पथराव से मची चीख-पुकार, कांच के टुकड़ों से सने मिले कोच, बाल सुधार गृह पहुंचे नन्हें पत्थरबाज!

अहमदाबाद-उदयपुर रेलवे लाइन पर सफर कर रहे यात्रियों के लिए उस वक्त सफर किसी बुरे सपने में तब्दील हो गया, जब असावरा-इंदौर वीरभूमि एक्सप्रेस पर अचानक पत्थरों की बारिश शुरू हो गई। उदयपुर के जावर माइंस और जयसमंद रेलवे स्टेशन के बीच सरसिया फाटक के पास घात लगाए बैठे कुछ अराजक तत्वों ने चलती ट्रेन को निशाना बनाया। पत्थरों के प्रहार इतने जोरदार थे कि जनरल कोच के शीशे चकनाचूर हो गए और डिब्बे के अंदर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। इस अचानक हुए हमले में एक महिला और एक पुरुष सहित तीन यात्री लहूलुहान हो गए, जबकि कोच के अंदर पत्थरों का ढेर लग गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस घटना के वीडियो में यात्रियों का दर्द और दहशत साफ देखी जा सकती है। जैसे ही ट्रेन उदयपुर स्टेशन पहुंची, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ने घायलों को संभाला और उनका प्राथमिक उपचार करवाया। वारदात की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ के निरीक्षक सुरेंद्र सिंह की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और इलाके में दबिश दी। मुखबिरों के जाल और तकनीकी जांच के बाद पुलिस उस वक्त हैरान रह गई जब इस खतरनाक खेल के पीछे 14-14 साल के दो नाबालिगों का नाम सामने आया।

आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिगों को डिटेन कर लिया है और उन्हें बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। हालांकि आरोपी बच्चे हैं, लेकिन इस घटना ने रेल सुरक्षा और पटरियों के आसपास रहने वाले लोगों की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उदयपुर आरपीएफ ने साफ चेतावनी दी है कि रेल संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और यात्रियों की जान खतरे में डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस खौफनाक मंजर के बाद अब ट्रैक पर गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा कोई ‘पत्थरबाज’ यात्रियों के सफर में खलल न डाल सके।

पहले भी हो चुका पथराव

करीब दो साल पहले असारवा जा रही सुपरफास्ट ट्रेन पर डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के बलवाड़ा रेलवे फाटक के पास पथराव हुआ था। बलवाड़ा रेलवे फाटक के पास भुवनेश्वर के बीच पहाड़ियों पर पहुंचते ही बदमाशों ने ट्रेन पर अचानक पथराव कर दिया। पत्थर ट्रेन की कई बोगियों पर लगे, लेकिन पीछे की ओर एक बोगी का कांच टूट गया। जिससे पत्थर बोगी के अंदर आकर गिरा। कांच भी टूटकर सीट और बोगी के अंदर गिरे थे तब किसी को चोट नहीं आई थी।

पटरियों को उड़ाने की भी हुई थी साजिश

उदयपुर-डूंगरपुर रेल लाइन पर जावर माइंस के पास नवंबर 2022 में पटरियों को उड़ाने की साजिश हुई थी, जिसमें विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया और बाद में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और एक नाबालिग को हिरासत में लिया था।

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