
पाली। शहर के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल का परिसर बुधवार रात उस वक्त जंग के मैदान में तब्दील हो गया, जब बच्चों के मामूली झगड़े ने दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रखकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूसों और मुक्कों की बौछार कर दी। हैरानी की बात यह रही कि इस मारपीट में महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। सरेआम हुई इस गुंडागर्दी में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इसी अस्पताल के वार्डों में भर्ती कराया गया है।
हंगामा बुधवार रात करीब 10 बजे तब शुरू हुआ जब दोनों पक्ष ट्रॉमा वार्ड के बाहर आमने-सामने हो गए। जानकारी के अनुसार, हमलावर और पीड़ित आपस में रिश्तेदार ही हैं। विवाद की जड़ करीब एक महीने पुराना बच्चों का आपसी झगड़ा बताया जा रहा है। बुधवार शाम को इसी पुराने मामले को लेकर एक बार फिर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। विवाद शांत होने के बजाय अस्पताल परिसर तक पहुंच गया, जहां सरेराह महिलाओं के साथ मारपीट देख मौके पर मौजूद तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी होने के बावजूद इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हंगामे के दौरान शुरू में केवल दो कांस्टेबल ही स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भीड़ और आक्रोश इतना ज्यादा था कि पुलिस को अतिरिक्त जाप्ता बुलाना पड़ा। भारी पुलिस बल के पहुंचने के बाद ही मामला शांत हो सका और उपद्रवियों को वहां से खदेड़ा गया।
स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों का कहना है कि बांगड़ अस्पताल में मारपीट, मोबाइल चोरी और बाइक चोरी की घटनाएं अब आम हो गई हैं। आए दिन डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ के साथ बदसलूकी या मरीजों के परिजनों के बीच होने वाले ऐसे झगड़े अस्पताल की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
