
किडनी ट्रांसप्लांट के बाद दिक्कतों से परेशान था 35 वर्षीय हंसराज, नेफ्रोलॉजी विभाग में था भर्ती; अस्पताल में मचा हड़कंप, ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल से गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। अस्पताल की सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग (SSB) में इलाज के लिए भर्ती एक 35 वर्षीय युवक ने छठी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक इतनी ऊंचाई से सीधे नीचे पोर्च में आकर गिरा कि उसका शरीर क्षत-विक्षत हो गया और मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और हड़कंप मच गया। सुरक्षा गार्डों ने तुरंत युवक को लहूलुहान हालत में पास के ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान टोंक जिले के रहने वाले हंसराज जाट (35) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, हंसराज का करीब दो महीने पहले सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था और वह रिकवरी की प्रक्रिया में था। सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग के अधीक्षक डॉ. नचिकेत व्यास ने बताया कि ट्रांसप्लांट के बाद हंसराज को कुछ शारीरिक दिक्कतें महसूस हो रही थीं, जिसके चलते उसे नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया था। गुरुवार सुबह अचानक हंसराज वार्ड की रेलिंग के पास पहुँचा और किसी के कुछ समझने से पहले ही उसने नीचे छलांग लगा दी। युवक सीधे उस पोर्च में गिरा जहाँ डॉक्टरों के चैंबर और बिलिंग काउंटर बने हुए हैं। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पोर्च खाली था, वरना कोई अन्य व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ सकता था।
पोर्च में गिरने के बाद युवक का शरीर बुरी तरह फट गया, जिससे वहां चारों तरफ खून और मांस के टुकड़े बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के लिए यह मंजर बेहद भयावह था। इलाज कर रहे डॉ. धनंजय ने बताया कि हंसराज का ट्रांसप्लांट सफल रहा था और करीब एक महीने तक उसकी किडनी ने बिल्कुल सही काम किया था। पिछले 2-3 दिनों से आई कुछ दिक्कतों की वजह से उसे दोबारा भर्ती किया गया था, लेकिन उसके व्यवहार में ऐसा कोई बदलाव नहीं दिखा जिससे लगे कि वह इतना आत्मघाती कदम उठा सकता है। पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया है और मामले की जांच की जा रही है कि क्या युवक बीमारी की वजह से मानसिक तनाव में था या आत्महत्या की कोई और वजह रही।
