वागड़ के ‘शेर’ पर शिकंजा या सियासी बदला? मालवीया के भाजपा छोड़ते ही ACB ने बिछाया जाल, घर वापसी की चर्चाओं के बीच ठिकानों पर रेड!

बांसवाड़ा। राजनीति में वफादारियां बदलते ही कैसे किस्मत की लकीरें टेढ़ी हो जाती हैं, इसका ताजा और सबसे गर्मागर्म नजारा वागड़ की धरती पर देखने को मिला है। अभी महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भाजपा का दामन छोड़ चैन की सांस ली ही नहीं थी कि मंगलवार की अलसुबह एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के ‘शिकारियों’ ने उनके ठिकानों की घेराबंदी कर दी। जयपुर से आई एसीबी की विशेष टीमों ने बागीदौरा और कलिंजरा में स्थित मालवीया के दो पेट्रोल पंपों और उनके बेटे प्रेम प्रताप सिंह के मोटी टिम्बी स्थित क्रशर प्लांट पर एक साथ धावा बोला। इस अचानक हुई कार्रवाई से न केवल मालवीया खेमे में हड़कंप मच गया, बल्कि पूरे जिले के सियासी गलियारों में यह चर्चा आम हो गई कि ‘पाला बदलने की सजा’ मिलना शुरू हो गई है।

एसीबी की टीम का एक्शन भी किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं था। बताया जा रहा है कि टीम सोमवार आधी रात को ही बांसवाड़ा के नाहरपुरा इलाके में डेरा डाल चुकी थी। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जब बागीदौरा के पेट्रोल पंप पर सरकारी गाड़ियां रुकीं, तो वहां हड़कंप मच गया। मैनेजर के न होने पर टीम ने करीब एक घंटे तक इंतजार किया और फिर शुरू हुआ फाइलों और दस्तावेजों को खंगालने का अंतहीन सिलसिला। टीम ने जमीन के कागजात, बैंकों के लेन-देन और स्टाफ की कुंडली ऐसी बारीकी से जांची कि वहां मौजूद कर्मचारियों के पसीने छूट गए। दोपहर तक यह लुका-छिपी चलती रही और टीम मैनेजर को एक पंप से दूसरे पंप तक साथ ले जाकर पूछताछ करती रही।

इधर, मालवीया खुद जयपुर जाने के लिए घर से निकल चुके थे, लेकिन जैसे ही पालोदा पहुंचते-पहुंचते उन्हें पीछे से एसीबी के ‘छापे’ की खबर मिली, वे फौरन गाड़ी घुमाकर वापस लौट आए। अपने आवास पर पहुंचे पूर्व मंत्री ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ दबाव बनाने की राजनीति है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अगर वे वापस नहीं आते तो विरोधी कहते कि मालवीया भाग गया। हालांकि एसीबी ने उनसे सीधे कोई पूछताछ नहीं की, लेकिन कार्रवाई की टाइमिंग ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि जब तक मालवीया ‘केसरिया’ खेमे में थे तब तक सब ठीक था, लेकिन जैसे ही उन्होंने राह बदली, जांच एजेंसियों की सुइयां उनके कारोबार की तरफ मुड़ गईं। अब देखना यह है कि एसीबी की इन फाइलों से क्या निकलता है या फिर यह सिर्फ सियासी दबाव का एक ट्रेलर मात्र है।

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