रासायनिक अनुसंधान और नवाचार के अग्रिम क्षेत्र विषय पर दो दिवसीय तीसरी अन्तर्राष्ट्रीय सेमीनार का हुआ आगाज

भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय एवं जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में रसायन विभाग द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन ‘रासायनिक अनुसंधान और नवाचार के अग्रिम क्षेत्र’ विषय को लेकर मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से प्रारंभ हुआ। कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ .रेणू राठौड़ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कॉन्फ्रेंस के विषय पर प्रकाश डाला। प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र में अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ रामा मोहन हिंदपुर, हेड प्रोसेस रिसर्च एवं डवलपमेंट- फ्लो केमिस्ट्री फ्रॉम द पेस्टिसाइड इंडस्ट्री, उदयपुर ने सभी को संबोधित करते हुए मानव- प्रकृति सामजस्य पर बल देते हुए कहा कि प्रकृति को केवल आर्थिक लाभ के लिए महत्व देने के बजाय उसके आंतरिक महत्व को समझने की दिशा में एक बदलाव की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ एस सी तिवारी,भूतपूर्व डायरेक्टर ,रोटम एग्रोकेमिकल्स, हॉन्गकोंग और वर्तमान में टेक्निकल एडवाइजर इंडिया पेस्टिसाइड लिमिटेड लखनऊ ने पर्यावरण, सामाजिक और ईएसजी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सतत प्रौद्योगिकी को महत्वपूर्ण बताया साथ ही उन्होंने कहा कि रासायनिक अनुसंधान के क्षेत्र में सतत ऊर्जा, नैनो तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग नवाचार हेतु किया जा रहा है। इस अवसर पर डॉ सौरव कुमार, सीनियर डायरेक्टर सन रीजन इंटरनेशनल इंडस्ट्रीज ने अपने उद्बोधन में कहा कि अनुसंधान प्रयोगशाला की अभिक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि नई दवाओं के विकास (चिकित्सा), पर्यावरण अनुकूल सामग्री, नैनो तकनीक और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के माध्यम से मानव जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। कॉन्फ्रेंस के मुख्य संरक्षक एवं मानद प्रो कर्नल शिवसिंह सारंगदेवोत ने रसायन विज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य की नींव कहा जो उन्नत दैनिक साधनों के माध्यम से स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। साथ ही उन्नत रिसर्च स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में केंद्रीय भूमिका निभाता रहा है। कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने सभी अतिथियों का उपरणा एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कॉन्फ्रेंस संरक्षक डॉ महेंद्र सिंह राठौड़ ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वैचारिक प्रदूषण को समाप्त करने पर बल दिया तथा श्रीमान मोहब्बत सिंह राठौड़,प्रबंध निदेशक भूपाल नोबल्स संस्थान ने कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन हेतू अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस कांफ्रेंस से प्राप्त निष्कर्ष शोध के लिए नई दिशाएं एवं मानक तय करेंगे।
संयुक्त सचिव श्री राजेंद्र सिंह ताणा एवं वित्त मंत्री श्री शक्ति सिंह कारोही ने प्रतीक चिन्ह भेंट किए कॉन्फ्रेंस निदेशक प्रो रितु तोमर ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ऑनलाइन मोड पर डॉ अलेक्जैण्डर बसु चीन, डॉ सपना जोडान,चिली से प्रथम दिवस विषय से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डालेंगे तथा द्वितीय दिवस प्रो मगेश्वरी कर्पूदेवन प्रो केमिस्ट्री एजुकेशन यूनिवर्सिटी सेंस मलेशिया, डॉ पवित्रा नरेंद्र यूनिवर्सिटी ऑफ़ ट्रेंड्स डिसीप्लिनरी हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी बैंगलोर इंडिया तथा डॉ सोनिया कार्बिनेलरा डिपार्टमेंट ऑफ़ केमिस्ट्री फैकल्टी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी कैप्रिक पुर्तगाल से ऑनलाइन इस कांफ्रेंस से जुड़कर अपने अनुभव एवं ज्ञान से संबंधित विषय पर प्रकाश डालेंगे। डॉ मंगल श्री दुलावत ने दो दिवसीय कांफ्रेंस की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि अब तक 160, शोध पत्र प्राप्त हो चुके हैं तथा पांच तकनीकी क्षेत्र में पेपर प्रेजेंटेशन एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया जाएगा। डॉ जय सिंह जोधा, डायरेक्टर सायं कालीन ज. रा. ना. राज. विद्यापीठ द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विद्या प्रचारिणी सभा सदस्य श्री कमलेश्वर सिंह कच्छेर, श्री महेंद्र सिंह पाटिया, श्री नवल सिंह जूड़, श्री चंद्रवीर सिंह,श्री कुलदीप सिंह ताल, श्री भंवर सिंह जी आदि उपस्थित रहे ।कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रवीणा, डॉ मनीषा एवं सुश्री सिद्धिमा द्वारा किया गया।
