
पुलिस की विशेष टीम (DST) ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। शुक्रवार देर रात जयपुर-कोटा नेशनल हाईवे-52 पर फिल्मी अंदाज में पीछा कर पुलिस ने एक ट्रक को घेरा, जिसमें उड़ीसा से तस्करी कर लाया जा रहा 500 किलो उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया गया। जब्त किए गए गांजे और ट्रक की कुल कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 3 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। यह खेप प्रदेश के तीन प्रमुख जिलों अजमेर, भीलवाड़ा और टोंक के छोटे सप्लायर्स तक पहुँचाई जानी थी।
इस ऑपरेशन की शुरुआत तब हुई जब डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश को मुखबिर से सूचना मिली कि एक ट्रक में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ भरकर देवली के रास्ते सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने हाईवे पर नाकाबंदी कड़ी कर दी। खुद को घिरा देख तस्करों ने ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी और देवली बायपास से टोंक की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने हार नहीं मानी। करीब 3 बजे देवली डीएसपी ऑफिस के ठीक सामने पुलिस ने ट्रक को चारों तरफ से घेरकर रुकवा लिया। जब ट्रक की तलाशी ली गई, तो उसमें कट्टों के भीतर छिपाकर रखा गया आधा क्विंटल (500 किलो) गांजा बरामद हुआ।

एएसपी रतन लाल भार्गव ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में देवली के दाता ढाणी निवासी हरिनारायण मीणा और बूंदी जिले के हिंडोली का रहने वाला समीर मीणा शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया है कि यह गांजा उड़ीसा से लाया गया था और इसे देवली के हनुमान नगर इलाके में किसी बड़े हैंडलर को सुपुर्द किया जाना था। वहां से इस खेप को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर आसपास के जिलों के कस्बों में सप्लायर्स को भेजा जाता। फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और इस पूरे गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है जो हनुमान नगर में इस खेप का इंतजार कर रहा था।
