पल पल @ महावीर व्यास

राजसमंद। राजसमंद जिले के बड़ा भाणुजा गांव में पालीवाल ब्राह्मण समाज के लिए इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया, जहां करीब 735 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद समाज के सात स्वरूपों का भव्य और ऐतिहासिक महामिलन संपन्न हुआ। अखिल भारतीय पालीवाल ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय धार्मिक उत्सव का मुख्य केंद्र भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर का जीर्णोद्धार और वहां विधि-विधान के साथ ध्वजदंड की स्थापना रहा। इस पावन अवसर पर समाजसेवी और मुख्य संयोजक चंद्रशेखर पुरोहित के विशेष आह्वान पर पालीवाल समाज की विभिन्न श्रेणियों जैसे 44 श्रेणी, 24 श्रेणी सहित नागदा, मेनारिया और बड़ा पालीवाल समाज के ठाकुर जी का गांव में पूरे सम्मान के साथ पदार्पण कराया गया।
यह आध्यात्मिक समागम न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन था, बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं को जीवंत करने और बिखरते सामाजिक धागों को पुनः एकता के सूत्र में पिरोने का एक सशक्त माध्यम भी बना।
समारोह की शुरुआत सुबह से ही उत्साह के चरम पर रही, जब गांव के बस स्टैंड पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सातों स्वरूपों के स्वागत में आसमान आतिशबाजी से गूंज उठा और फूलों की ऐसी वर्षा हुई कि समूचा मार्ग भक्तिमय सुगंध से भर गया। इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनने के लिए हर आयु वर्ग के लोग पूरी श्रद्धा के साथ मौजूद रहे। इसके पश्चात बस स्टैंड से मंदिर परिसर तक एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बजते भजनों की धुन पर भक्त झूमते-गाते नजर आए।
