खाकी की आड़ में कोड वर्ड का खेल, हाईवे पर ‘लूट’ रहे थे परिवहन विभाग के साहब, ACB ने 12 टीमों के साथ बिछाया जाल

जयपुर/अजमेर। राजस्थान के हाईवे पर सफर करने वाले ट्रक ड्राइवरों के लिए परिवहन विभाग के कुछ अफसर सुरक्षा नहीं, बल्कि एक खौफनाक वसूली तंत्र बन गए थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अजमेर और ब्यावर के आसपास चल रहे परिवहन विभाग के एक बड़े वसूली रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जहां वर्दी की धौंस और दलालों के नेटवर्क के जरिए हर गुजरने वाले वाहन से ‘टैक्स’ के नाम पर डकैती डाली जा रही थी। एसीबी की 12 टीमों ने एक साथ दबिश देकर आरटीओ इंस्पेक्टर जल सिंह सहित 13 लोगों को दबोच लिया है। यह पूरी कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि विभाग के अफसरों को भनक तक नहीं लगी और एसीबी ने रंगे हाथों इस ‘कमीशनखोरी’ के किले को ढहा दिया।

हाईवे पर वसूली का यह तरीका किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। गोपनीय जांच में सामने आया कि अजमेर से ब्यावर के बीच पड़ने वाले होटलों और ढाबों को वसूली का अड्डा बनाया गया था। आरटीओ अधिकारियों की शह पर बैठे प्राइवेट दलाल हर ट्रक और कमर्शियल वाहन से 600 से 1000 रुपए तक की अवैध वसूली करते थे। इस काली कमाई का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला हिस्सा था ‘कोड वर्ड’। जो ड्राइवर दलालों को पैसा दे देता था, उसे एक खास कोड जारी किया जाता था। यह कोड हाईवे पर तैनात आरटीओ दस्तों के लिए एक ‘पास’ की तरह काम करता था, जिसे देखते ही अधिकारी उस वाहन को बिना किसी जांच या चालान के जाने देते थे। यानी नियम-कायदे सिर्फ उन लोगों के लिए थे जो घूस देने से इनकार करते थे।

एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने जब इस खेल की पुष्टि की, तो ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी और किशनगढ़ में एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में आरटीओ इंस्पेक्टर जल सिंह के साथ उनके सहायक प्रदीप जोधा और विक्रम सिंह, संजय यादव जैसे करीब एक दर्जन दलालों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से 1.16 लाख रुपए की नगदी बरामद हुई है, जो महज कुछ घंटों की वसूली का हिस्सा थी। एसीबी ने आरोपियों के पास से 19 मोबाइल और 12 डायरियां जब्त की हैं, जिनमें वसूली का पूरा हिसाब-किताब और उन कोड्स का जिक्र है जो भ्रष्टाचार के इस खेल में इस्तेमाल होते थे।

पकड़े गए आरोपियों के पास से डिजिटल पेमेंट के स्क्रीनशॉट और डायरियों में दर्ज लाखों के लेन-देन के हिसाब ने विभाग की साख पर बट्टा लगा दिया है। एसीबी ने अब उन होटलों और ढाबों के सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर भी अपने कब्जे में ले लिए हैं, जहां यह वसूली तंत्र फल-फूल रहा था। इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि डायरी में दर्ज कुछ और बड़े नामों पर भी अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। एसीबी की यह स्ट्राइक उन वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है जो सालों से हाईवे पर इस संगठित लूट का शिकार हो रहे थे।

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