
अलवर। जब दो युवा आईएएस अधिकारी जीवनभर का साथ चुनते हैं, तो अक्सर भव्य समारोह की कल्पना की जाती है। लेकिन 2023 बैच के दो अफसरों ने परंपराओं से अलग हटकर सादगी की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। अलवर में जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला के कार्यालय में हुई यह अनोखी शादी अब चर्चा का विषय बनी हुई है।
अलवर के एसडीएम माधव भारद्वाज और गुजरात के जामनगर में तैनात एसडीएम अदिति वासने ने बिना किसी तामझाम के अपनी शादी रजिस्टर कराने का फैसला किया। बुधवार को दोनों अपने परिवार के साथ चुपचाप कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर के चैंबर में ही उन्होंने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर विवाह बंधन में बंध गए। जैसे ही कार्यालय कर्मियों को जानकारी मिली, सभी ने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं।
दोनों की प्रेम कहानी की शुरुआत मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान हुई। साथ पढ़ते और प्रशासनिक सेवाओं की बारीकियां सीखते-सीखते दोनों एक-दूसरे के करीब आए। परिवार की सहमति के बाद उन्होंने अपने रिश्ते को शादी का नाम देने का निर्णय लिया।
अदिति वासने मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली हैं। उन्होंने पहले ही प्रयास में 57वीं रैंक हासिल कर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद उन्होंने सीधे प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना और वर्तमान में गुजरात में प्रांत अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रही हैं। वहीं मसूरी निवासी माधव भारद्वाज ने NIT प्रयागराज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक और IIM अहमदाबाद से एमबीए किया है। वे पहले Microsoft जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत थे, लेकिन देश सेवा के जुनून ने उन्हें यूपीएससी की राह पर ला खड़ा किया।
आज जब शादियों में करोड़ों रुपये खर्च करना आम हो गया है, ऐसे समय में इन दोनों अधिकारियों ने सादगी और संकल्प का संदेश दिया है। उनकी यह ‘ऑफिस मैरिज’ केवल निजी खुशी का अवसर नहीं, बल्कि समाज के लिए यह संकेत भी है कि रिश्तों की मजबूती दिखावे से नहीं, बल्कि विश्वास और समर्पण से तय होती है।
